शुक्रवार, नवंबर 6, 2009, 15:43 [IST]
चेन्नई। भारतीय बाजारों पर नियंत्रण रखने वाली भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने देश के शेयर बाजारो को सलाह दी है कि वे निवेशकों के साथ उकनी स्थानीय भाषा में संवाद करें। इससे ज्यादा से ज्यादा निवेशक बाजार की ओर आकर्षित हो सकेंगे।
सेबी के अध्यक्ष सीबी भावे ने कहा है कि इक्विटी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लोगों की स्थानीय भाषा का उपयोग करना जरूरी है। वर्तमान में शेयर बाजारों में ज्यादातर संवाद अंग्रेजी में होता है, लिहाजा कई जगह आम आदमी की समझ से परे हो जाता है। यही नहीं कई बार तो लोग अंग्रेजी में सही तरह से बाजार के बारे में समझ नहीं पाने के कारण शेयर बाजारों से दूरी बना लेते हैं। इसलिए यदि स्टॉक एक्सचेंजों में स्थानीय भाषाओं में संवाद किया जाए तो काफी बड़ी संख्या में निवेशक जुड़ सकते हैं।
निवेशकों का प्रशिक्षण भी हो
इसके लावा भावे ने शेयर बाजारों में आने वाले निवेशकों को प्रशिक्षित करने और वित्तीय साक्षरता का प्रसार करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्टॉक एक्सचेंज इस प्रकार के कदम उठाते हैं, तो सेबी उनकी मदद करेगा।
भारतीय शेयर बाजारों में सिर्फ दो प्रतिशत लोग ही निवेश करते हैं। भावे का कहना है कि स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल से हम निवेशकों की संख्या में इजाफा कर सकते हैं।